nauvari saree look

नौवारी साड़ी पहनने के आसान स्टाइल्स गणेश चतुर्थी पर अपनाएँ ये लुक

गणेश चतुर्थी भारत का सबसे लोकप्रिय और भव्य त्यौहार है, खासकर महाराष्ट्र में इसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन महिलाएँ पारंपरिक परिधान पहनती हैं, जिनमें से नौवारी साड़ी (Navvari Saree या Kashta Saree) का विशेष महत्व होता है। यह साड़ी मराठी संस्कृति का प्रतीक है और इसे पहनकर महिलाएँ देवी स्वरूपा दिखाई देती हैं।

इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि गणेश चतुर्थी पर नौवारी साड़ी क्यों पहनी जाती है, इसे पहनने का सही तरीका क्या है, अलग-अलग स्टाइल्स, जरूरी टिप्स और इसके धार्मिक-सांस्कृतिक

महत्व के बारे में।

गणेश चतुर्थी पर पारंपरिक अंदाज़ में नौवारी साड़ी कैसे ड्रेप करें

how to drap nauvari saree

नौवारी साड़ी का महत्व (Importance of Nauvari Saree)

  • नौवारी साड़ी 9 गज लंबी होती है, जो सामान्य साड़ी से लंबी होती है।

  • इसे पहनने का स्टाइल मराठा परंपरा से जुड़ा है।

  • इसका सबसे बड़ा महत्व यह है कि यह स्त्री-शक्ति और गरिमा का प्रतीक है।

  • गणेश चतुर्थी जैसे धार्मिक अवसर पर इसे पहनना शुभ माना जाता है।

  • इस साड़ी में महिलाएँ स्वतंत्र और आत्मनिर्भर महसूस करती हैं क्योंकि इसका ड्रेप पहनने में आसान और आरामदायक है।

 गणेश चतुर्थी पर नौवारी साड़ी क्यों पहनें?

  1. पारंपरिक लुक: यह साड़ी आपको एक असली महाराष्ट्रीयन लुक देती है।

  2. धार्मिक महत्व: भगवान गणेश की पूजा में पारंपरिक परिधान पहनना शुभ माना जाता है।

  3. आरामदायक: इसका ड्रेपिंग स्टाइल कामकाज और पूजा दोनों में सुविधा प्रदान करता है।

  4. संस्कृति से जुड़ाव: यह हमें हमारी जड़ों और परंपराओं से जोड़ता है।

नौवारी साड़ी पहनने की तैयारी

नौवारी साड़ी ड्रेप करने से पहले कुछ चीज़ों की तैयारी कर लें:

  • 9 गज लंबी नौवारी साड़ी

  • पेटीकोट (अगर आप पहली बार पहन रही हैं तो)

  • ब्लाउज़ (साड़ी के रंग से मैचिंग या कॉन्ट्रास्ट)

  • कमर में कसने के लिए नाड़ा या बेल्ट

  • सेफ्टी पिन्स

  • फुटवेयर (चप्पल या पारंपरिक कोल्हापुरी चप्पल)

 नौवारी साड़ी ड्रेप करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

Step 1 – कमर पर साड़ी कसें

सबसे पहले साड़ी का एक छोर (पल्लू वाला नहीं) कमर पर लपेटकर कस लें। इसे सुरक्षित करने के लिए नाड़ा या सेफ्टी पिन का उपयोग करें।

Step 2 – प्लेट्स बनाना

साड़ी को आगे से 6–8 प्लेट्स में मोड़ें। इन प्लेट्स को पेटीकोट या कमर में अच्छी तरह टक करें।

Step 3 – बीच का हिस्सा पैरों के बीच से डालें

साड़ी के एक हिस्से को पीछे से पैरों के बीच से निकालकर पीछे की तरफ टक करें। यही स्टाइल इसे पारंपरिक मराठी लुक देता है।

Step 4 – पल्लू बनाना

अब साड़ी का पल्लू लें और इसे बायीं कंधे पर रखें। पल्लू को प्लेट्स में मोड़कर पिन से सुरक्षित करें।

Step 5 – अंतिम टच

पूरे लुक को सेफ्टी पिन से अच्छे से सेट करें ताकि पूजा-पाठ या काम करते समय साड़ी ढीली न हो।

नौवारी साड़ी पहनने के विभिन्न स्टाइल

nauvari saree look

  1. कोकणी स्टाइल नौवारी साड़ी

    • यह स्टाइल गोवा और महाराष्ट्र में लोकप्रिय है।

    • इसमें साड़ी का पल्लू छोटा और सामने से खुला रहता है।

  2. मराठी कसटा स्टाइल

    • इसमें साड़ी का बीच वाला हिस्सा पैरों के बीच से पीछे की ओर डाला जाता है।

    • यह सबसे ज़्यादा गणेश चतुर्थी पर अपनाया जाता है।

  3. ब्राह्मणी स्टाइल

    • इसमें पल्लू लंबा होता है और सिर पर ओढ़ा जाता है।

    • इसे खासतौर पर पूजा के समय अपनाया जाता है।

6. नौवारी साड़ी के साथ गहनों का महत्व

गणेश चतुर्थी पर नौवारी साड़ी पहनने के साथ पारंपरिक मराठी गहनों का भी विशेष महत्व है। इनमें शामिल हैं:

  • चंद्रकोर बिंदी

  • मंगलसूत्र

  • नथ (नाक की बाली)

  • गजरा

  • हरी चूड़ियाँ

  • झुमके और पायल

ये गहने पूरे लुक को और भी भव्य बना देते हैं।

नौवारी साड़ी पहनते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • हमेशा अच्छी क्वालिटी का कपड़ा चुनें (सिल्क, कॉटन या पॉली-सिल्क)।

  • पहली बार पहन रही हैं तो किसी की मदद लें।

  • ज्यादा पिन्स का उपयोग न करें, वरना साड़ी का लुक बिगड़ सकता है।

  • पूजा के समय हल्के और सिंपल गहने पहनें।

  • लुक को पूरा करने के लिए हेयरस्टाइल में जुड़ा बनाकर गजरा लगाएँ।

 

जानिए- हरतालिका तीज पर हरी चूड़ियाँ और साड़ी क्यों पहनती हैं महिलाएँ?

 

गणेश चतुर्थी पर नौवारी साड़ी का धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व

  • नौवारी साड़ी को देवी दुर्गा और स्त्री-शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

  • इस दिन इसे पहनना शुभ फलदायी माना जाता है।

  • यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी गणेशोत्सव का अहम हिस्सा है।

आधुनिक ट्रेंड और नौवारी साड़ी

आजकल कई डिज़ाइनर नौवारी साड़ी को नए अंदाज़ में पेश कर रहे हैं। हल्के वजन की नौवारी, रेडीमेड नौवारी साड़ी और डिज़ाइनर ब्लाउज़ ने इसे और भी लोकप्रिय बना दिया है।

FAQs

Q1. नौवारी साड़ी कितने मीटर की होती है?

 नौवारी साड़ी सामान्यत: 9 गज लंबी होती है, इसी वजह से इसे नौवारी कहा जाता है।

Q2. क्या नौवारी साड़ी केवल गणेश चतुर्थी पर ही पहनी जाती है?

नहीं, इसे शादी, पूजा और अन्य पारंपरिक अवसरों पर भी पहना जाता है।

Q3. नौवारी साड़ी पहनने के लिए पेटीकोट ज़रूरी है क्या?

हाँ, आराम और परफेक्ट फिट के लिए पेटीकोट या लेगिंग पहनना बेहतर होता है।

Q4. नौवारी साड़ी पहनने में कितना समय लगता है?

अगर आप नई हैं तो लगभग 20–25 मिनट लग सकते हैं, लेकिन प्रैक्टिस के बाद यह 10 मिनट में भी पहनी जा सकती है।

Q5. नौवारी साड़ी ड्रेपिंग के कितने स्टाइल हैं?

इसमें मराठी, ब्राह्मणी और आधुनिक स्टाइल्स शामिल हैं, जिन्हें आप अवसर के अनुसार चुन सकती हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

गणेश चतुर्थी सिर्फ पूजा और उत्सव का त्यौहार नहीं है बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और पारिवारिक बंधन का प्रतीक भी है। इस दिन नौवारी साड़ी पहनकर महिलाएँ न केवल भगवान गणेश की पूजा करती हैं, बल्कि मराठी परंपरा और स्त्री-शक्ति की पहचान भी प्रस्तुत करती हैं।

अगर आप इस गणेश चतुर्थी पर पारंपरिक और खूबसूरत दिखना चाहती हैं तो नौवारी साड़ी जरूर पहनें और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का गर्व महसूस करें।

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