आज के समय में टैटू सिर्फ शरीर पर बना एक डिजाइन नहीं रह गया है। किसी के लिए यह अपनी पहचान जाहिर करने का तरीका है, तो किसी के लिए किसी खास व्यक्ति, याद या जीवन के महत्वपूर्ण पल को हमेशा अपने साथ रखने का माध्यम। वहीं कई लोग सिर्फ फैशन और स्टाइल के लिए भी टैटू बनवाते हैं। हाथ, कलाई, गर्दन, पीठ, पैर और कंधे से लेकर शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर तरह-तरह के टैटू अब आम दिखाई देते हैं।
लेकिन टैटू बनवाने से पहले केवल डिजाइन और उसकी खूबसूरती के बारे में सोचना पर्याप्त नहीं है। टैटू बनाते समय त्वचा में सुई के जरिए स्याही पहुंचाई जाती है, इसलिए स्वच्छता, इस्तेमाल होने वाले उपकरण, स्याही की गुणवत्ता और टैटू बनवाने के बाद की देखभाल बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
अगर सही सावधानी न बरती जाए तो टैटू के बाद त्वचा में संक्रमण, एलर्जी या लंबे समय तक रहने वाली दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए अगर आप भी टैटू बनवाने का मन बना रही हैं, तो ट्रेंड को फॉलो करने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर समझ लें।
टैटू बनवाते समय त्वचा के साथ क्या होता है?
टैटू बनाते समय मशीन या सुई की मदद से त्वचा की ऊपरी परत के नीचे स्याही पहुंचाई जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान त्वचा पर बार-बार सुई लगती है, इसलिए टैटू बनवाने के बाद कुछ समय तक लालिमा, हल्की सूजन, संवेदनशीलता या दर्द होना सामान्य हो सकता है।
लेकिन सामान्य healing और किसी समस्या के संकेत के बीच अंतर समझना जरूरी है। अगर टैटू वाली जगह पर परेशानी लगातार बढ़ रही है या त्वचा की स्थिति बिगड़ती जा रही है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
टैटू से हो सकता है त्वचा में संक्रमण
टैटू बनवाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात स्वच्छता है। अगर इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण ठीक तरह से sterilize न हों या प्रक्रिया के दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
टैटू के बाद बढ़ती लालिमा, ज्यादा गर्माहट, लगातार बढ़ता दर्द, सूजन, पस या असामान्य डिस्चार्ज जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
इसीलिए सिर्फ सस्ते दाम या ट्रेंडी डिजाइन देखकर किसी टैटू स्टूडियो का चुनाव न करें। कलाकार और स्टूडियो की स्वच्छता को प्राथमिकता दें।
स्याही से हो सकती है एलर्जी
टैटू की स्याही में मौजूद कुछ पदार्थ कुछ लोगों में त्वचा संबंधी प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं। कई बार एलर्जी तुरंत दिखाई नहीं देती और टैटू बनवाने के कुछ समय बाद भी त्वचा पर प्रतिक्रिया हो सकती है।
खुजली, दाने, लालिमा, सूजन या टैटू के आसपास त्वचा का असामान्य रूप से संवेदनशील होना ऐसी प्रतिक्रिया के संकेत हो सकते हैं।
अगर आपको पहले से किसी कॉस्मेटिक, हेयर डाई, स्किन प्रोडक्ट या किसी अन्य पदार्थ से एलर्जी रही है, तो टैटू बनवाने से पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।
कुछ लोगों में त्वचा पर गांठ या उभरी हुई त्वचा हो सकती है
टैटू के बाद कुछ लोगों में त्वचा की healing प्रक्रिया के दौरान छोटी गांठ या उभरी हुई जगह बन सकती है। कुछ मामलों में शरीर किसी बाहरी पदार्थ के प्रति प्रतिक्रिया करता है और टैटू वाली जगह पर लंबे समय तक बदलाव दिखाई दे सकता है।
अगर टैटू ठीक होने के बाद भी वहां लगातार गांठ, खुजली, सूजन या अन्य बदलाव बने रहें, तो इसे सामान्य मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। त्वचा विशेषज्ञ से जांच करवाना बेहतर होता है।
अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो ज्यादा सावधानी जरूरी
हर व्यक्ति की त्वचा एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों की त्वचा सामान्य होती है, जबकि कुछ लोगों को जल्दी एलर्जी, जलन या irritation हो जाती है।
अगर आपकी त्वचा पहले से संवेदनशील है या आपको त्वचा संबंधी समस्या रहती है, तो टैटू बनवाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना समझदारी हो सकती है।
खासकर अगर किसी पुराने घाव, तिल या त्वचा की समस्या वाली जगह पर टैटू बनवाने का विचार है, तो पहले विशेषज्ञ की राय लें।
टैटू बनवाने के लिए जगह चुनते समय न करें जल्दबाजी
टैटू बनवाने से पहले स्टूडियो की साफ-सफाई पर ध्यान दें। काम करने वाली जगह साफ होनी चाहिए और कलाकार को स्वच्छता के नियमों का पालन करना चाहिए।
नई और sterile सुई का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं, यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। कलाकार को हाथ साफ रखने, दस्ताने पहनने और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की उचित सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
आपको सवाल पूछने में झिझकना नहीं चाहिए। अगर कोई स्टूडियो स्वच्छता से जुड़े आपके सवालों का स्पष्ट जवाब देने से बचता है, तो वहां टैटू बनवाने से पहले दोबारा सोचें।
टैटू के बाद की देखभाल भी उतनी ही जरूरी
टैटू बनवाकर घर आना प्रक्रिया का अंत नहीं है। इसके बाद त्वचा को सही तरीके से heal होने का समय देना भी जरूरी है।
टैटू आर्टिस्ट द्वारा बताए गए aftercare निर्देशों का पालन करें। टैटू वाली जगह को साफ रखें और बिना सलाह के कोई क्रीम, तेल या घरेलू नुस्खा न लगाएं।
घाव जैसी जगह को बार-बार छूने या खुजलाने से बचें। अगर टैटू पर पपड़ी बन रही है तो उसे जबरदस्ती न हटाएं। त्वचा को प्राकृतिक रूप से ठीक होने दें।
धूप से भी बचाना जरूरी है
टैटू वाली त्वचा को तेज धूप से बचाना महत्वपूर्ण है, खासकर healing के दौरान। बाद में भी धूप से त्वचा और टैटू की स्याही दोनों पर असर पड़ सकता है।
टैटू पूरी तरह ठीक हो जाने के बाद बाहर निकलते समय उपयुक्त sunscreen का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर टैटू अभी नया है, तो aftercare के बारे में अपने टैटू आर्टिस्ट या त्वचा विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें।
टैटू बनवाने से पहले स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी साझा करें
अगर आप कोई नियमित दवा लेती हैं, खून पतला करने वाली दवाएं इस्तेमाल करती हैं, आपको एलर्जी का इतिहास है या आपकी कोई ऐसी स्वास्थ्य स्थिति है जिसके कारण त्वचा की healing प्रभावित हो सकती है, तो टैटू बनवाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
टैटू कलाकार को भी जरूरी जानकारी बताएं, खासकर ऐसी स्थिति में जब इससे प्रक्रिया या healing पर असर पड़ सकता हो।
अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाकर टैटू बनवाना सही तरीका नहीं है।
हर ट्रेंड को फॉलो करना जरूरी नहीं
सोशल मीडिया पर हर दिन नए टैटू डिजाइन ट्रेंड में आते रहते हैं। कभी मिनिमल टैटू लोकप्रिय होता है, कभी नाम या तारीख वाला डिजाइन और कभी बड़े artistic tattoos।
लेकिन टैटू एक स्थायी फैसला हो सकता है। इसलिए किसी ट्रेंड को देखकर तुरंत फैसला लेने की बजाय थोड़ा समय लेकर सोचें कि क्या आप कई साल बाद भी उस डिजाइन से खुश रहेंगी।
खासकर किसी व्यक्ति का नाम, कोई खास तारीख या ऐसा डिजाइन जो किसी मौजूदा परिस्थिति से जुड़ा हो, बनवाने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए।
टैटू हटाना हमेशा आसान नहीं होता
बहुत से लोग यह सोचकर टैटू बनवा लेते हैं कि अगर भविष्य में पसंद नहीं आया तो उसे आसानी से हटाया जा सकता है। लेकिन टैटू हटाना हमेशा सरल प्रक्रिया नहीं होती।
लेजर टैटू रिमूवल जैसे विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन इसके लिए कई सत्रों की जरूरत पड़ सकती है और परिणाम टैटू के रंग, आकार, त्वचा और इस्तेमाल की गई स्याही जैसी कई बातों पर निर्भर कर सकते हैं।
कुछ मामलों में टैटू पूरी तरह हटने के बजाय हल्का निशान या रंग का बदलाव रह सकता है। इसलिए टैटू बनवाने से पहले उसके स्थायी होने की बात को गंभीरता से समझना जरूरी है।
MRI से जुड़ी जानकारी भी डॉक्टर को दें
कुछ लोगों में टैटू या स्थायी मेकअप के कारण MRI के दौरान दुर्लभ रूप से गर्माहट या त्वचा पर असहजता महसूस होने की रिपोर्ट हुई है। इसलिए अगर भविष्य में MRI करवानी हो, तो डॉक्टर या MRI स्टाफ को अपने टैटू के बारे में जरूर बताएं।
यह छोटी सी जानकारी जांच के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने में मदद कर सकती है।
टैटू बनवाने के बाद इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
टैटू के बाद हल्की लालिमा या संवेदनशीलता कुछ समय के लिए हो सकती है। लेकिन अगर स्थिति लगातार खराब हो रही है तो सावधान हो जाना चाहिए।
इन लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेना उचित हो सकता है:
- लगातार बढ़ता दर्द
- बढ़ती लालिमा या सूजन
- त्वचा का बहुत गर्म महसूस होना
- पस या असामान्य तरल निकलना
- लगातार खुजली या दाने
- बुखार या अस्वस्थ महसूस होना
- टैटू वाली जगह पर असामान्य गांठ या त्वचा में लंबे समय तक बदलाव
ऐसे लक्षणों को केवल टैटू की सामान्य healing समझकर नजरअंदाज न करें।
टैटू बनवाने से पहले एक छोटी सी चेकलिस्ट
अगर आपने टैटू बनवाने का फैसला कर लिया है, तो स्टूडियो जाने से पहले इन बातों पर ध्यान दें।
डिजाइन: क्या आप इस डिजाइन को लंबे समय तक पसंद करेंगी?
स्टूडियो: क्या जगह साफ-सुथरी है?
सुई और उपकरण: क्या नई और sterile सुई का इस्तेमाल किया जा रहा है?
कलाकार: क्या कलाकार स्वच्छता और सुरक्षा के नियमों का पालन कर रहा है?
स्याही: इस्तेमाल होने वाली ink के बारे में जरूरी जानकारी लें।
त्वचा: अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
Aftercare: टैटू बनने के बाद त्वचा की देखभाल कैसे करनी है, इसकी जानकारी पहले ही ले लें।
स्वास्थ्य: अपनी दवाओं, एलर्जी या अन्य जरूरी स्वास्थ्य जानकारी को नजरअंदाज न करें।
खूबसूरती के साथ सुरक्षा भी जरूरी
टैटू बनवाना व्यक्तिगत पसंद है और सही सावधानियों के साथ बहुत से लोग इसे सुरक्षित तरीके से करवाते हैं। लेकिन इसे पूरी तरह सामान्य beauty treatment समझकर बिना जानकारी के करवाना सही नहीं है।
टैटू बनवाने से पहले डिजाइन के साथ-साथ स्टूडियो की स्वच्छता, कलाकार की तकनीक, इस्तेमाल होने वाले उपकरण और स्याही की गुणवत्ता पर ध्यान दें। इसके बाद टैटू की सही aftercare करें और त्वचा में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
फैशन बदल सकता है, लेकिन त्वचा की सेहत हमेशा महत्वपूर्ण रहती है। इसलिए टैटू का फैसला सिर्फ ट्रेंड देखकर नहीं, बल्कि पूरी जानकारी और समझदारी के साथ करें। खूबसूरत टैटू वही है जिसके साथ आपकी त्वचा भी स्वस्थ और सुरक्षित रहे।
